
जशपुर। निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद भी बहाली नहीं होने और सेवा संबंधी विभिन्न मामलों का निराकरण नहीं किए जाने से परेशान पटवारी विजय कुमार श्रीवास्तव ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर अपनी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है। लगातार आवेदन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराज पटवारी ने अब 9 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक महकमे में मामला गंभीर हो गया है।पटवारी विजय कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, उन्हें पूर्व में निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद उनके विरुद्ध विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू की गई। उनका कहना है कि विभागीय जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन जांच पूरी होने के बावजूद अब तक उन्हें आरोप पत्र नहीं दिया गया और न ही बहाली को लेकर अंतिम निर्णय लिया गया है। लंबे समय से मामला लंबित रहने के कारण वे आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।24 और 31 जुलाई को भी दिया था आवेदन पटवारी ने अपनी बहाली एवं जीवन निर्वाह से संबंधित समस्याओं को लेकर 24 जुलाई 2026 और 31 जुलाई 2026 को भी प्रशासन के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। इन आवेदनों के माध्यम से उन्होंने बहाली के साथ-साथ जीवन निर्वाह और सेवा संबंधी लंबित मामलों के निराकरण की मांग की थी। इसके बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने 7 अगस्त 2026 को पुनः जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपा।वेतन से जुड़े कई मामले भी लंबितआवेदन में पटवारी ने निलंबन के बाद बहाली के अलावा वार्षिक वेतन वृद्धि, समयमान वेतनमान, वेतन निर्धारण सहित अन्य सेवा संबंधी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से ये मामले लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।जांच पूरी, फिर भी निर्णय का इंतजारपटवारी का कहना है कि विभागीय जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी मामले में आगे की कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें अब तक आरोप पत्र तक नहीं दिया गया है। ऐसे में वे स्वयं को लगातार उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और कई बार आवेदन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से निराश हैं।अब 9 सितंबर की चेतावनी से बढ़ी प्रशासन की चिंता7 अगस्त को दिए गए आवेदन में पटवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो 9 सितंबर को जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाएंगे। लगातार आवेदन और अब इस तरह की चेतावनी सामने आने के बाद प्रशासन के सामने मामले का शीघ्र निराकरण करने की चुनौती है।पटवारी ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी बहाली, जीवन निर्वाह तथा वेतन एवं सेवा संबंधी लंबित मामलों पर नियमानुसार तत्काल निर्णय लिया जाए। अब देखना होगा कि 9 सितंबर से पहले प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।





