रायगढ़ सीमा से लगे कुल्हारबुड़ा गांव में देर रात मचा हड़कंप, पके कटहल खाने के बाद हाथी ने मचाया उत्पात

जशपुर। वन परिक्षेत्र तपकरा के अंतर्गत रायगढ़ जिले की सीमा से लगे ग्राम कुल्हारबुड़ा में मंगलवार देर रात एक बार फिर लोनर (एकाकी) हाथी के गांव में प्रवेश करने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि हाथी कटहल की तेज सुगंध से आकर्षित होकर गांव पहुंचा। पहले उसने राजेश उरांव के घर के समीप लगे पेड़ से पके हुए कटहल खाए, इसके बाद अचानक उग्र होकर राजेश उरांव एवं प्रदीप उरांव के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी देर रात गांव में पहुंचा और कटहल खाने के बाद दोनों मकानों के आसपास उत्पात मचाने लगा। उसने सूंड से घर के हिस्सों को तोड़ दिया, जिससे दोनों परिवारों को नुकसान हुआ। घटना के समय ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।सूचना मिलते ही वन रक्षक नंदकुमार यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से काफी देर तक मशक्कत करने के बाद हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा गया। हाथी के जंगल लौटने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन दोनों मकानों को नुकसान पहुंचा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन दिनों क्षेत्र में कटहल पूरी तरह पक चुके हैं। पके कटहल की तेज सुगंध हाथियों को जंगल से गांवों की ओर आकर्षित करती है। विभाग लगातार ग्रामीणों को सलाह दे रहा है कि घरों एवं बाड़ियों के आसपास लगे पके कटहलों को समय रहते तोड़ लें या सुरक्षित स्थान पर रख दें, ताकि हाथियों के गांव में आने की संभावना कम हो सके। इसके बावजूद कई ग्रामीण इस संबंध में लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे हाथी भोजन की तलाश में बार-बार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में एक लोनर हाथी लगातार विचरण कर रहा है। यह हाथी कभी रायगढ़ जिले के जंगलों में तो कभी जशपुर जिले के वन क्षेत्रों में पहुंच जाता है। इसकी आवाजाही तेज होने के कारण इसकी सटीक लोकेशन का लगातार पता लगाना चुनौतीपूर्ण है। विभाग द्वारा हाथी की निगरानी की जा रही है तथा आसपास के गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, हाथी दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे छेड़ने का प्रयास न करें तथा तत्काल वन विभाग को सूचना दें। साथ ही कटहल एवं अन्य फलों को समय रहते हटा दें, ताकि मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
