
स्कूल खुलने से पहले पूरी होंगी सुविधाएं,विद्यार्थियों को मिलेगा स्वच्छ और सुरक्षित माहौल, फरसाबहार के स्कूलों में बन रहे नए शौचालय

जशपुर। विकासखंड फरसाबहार के विभिन्न स्कूलों में लंबे समय से जर्जर एवं अनुपयोगी शौचालयों के कारण छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से छात्राओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय की सुविधा नहीं मिलने से काफी दिक्कतें हो रही थीं। कई स्कूलों में शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे तो कहीं मरम्मत के अभाव में उपयोग लायक नहीं बचे थे। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विकासखंड फरसाबहार के स्कूलों के लिए शौचालय निर्माण एवं मरम्मत कार्य की स्वीकृति प्रदान की है।मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद विकासखंड के 10 प्राथमिक शालाओं, 10 हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में नए शौचायल का निर्माण तथा 4 हायर सेकेंडरी स्कूलों में शौचालय का मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार नए शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख 60 हजार रुपये तथा जर्जर शौचालयों की मरम्मत के लिए 2 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (आरईएस) को सौंपी गई है। विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से विभिन्न स्कूलों में निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्कूल खुलने से पहले सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके।निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समय सीमा को लेकर विभाग भी गंभीर नजर आ रहा है। फरसाबहार के आरईएस एसडीओ ए सिद्धकी ने संबंधित इंजीनियरों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इसी क्रम में शुक्रवार को विभागीय इंजीनियर रेणुका मिंज प्राथमिक शाला मुंडाडीह पहुंचीं, जहां उन्होंने निर्माणाधीन शौचालय कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण सामग्री, ढलाई एवं अन्य कार्यों की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही संबंधित ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए।निरीक्षण के दौरान इंजीनियर ने पाया कि शौचालय निर्माण में छत की ढलाई सामने की ओर पर्याप्त नहीं निकाली गई थी। इस पर उन्होंने तत्काल संबंधित ठेकेदार को करीब डेढ़ फीट अतिरिक्त छत बाहर निकालने के निर्देश दिए ताकि बारिश के दौरान पानी सीधे शौचालय के अंदर न पहुंचे और भवन सुरक्षित बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य तकनीकी मापदंडों के अनुसार ही किया जाए ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।ग्रामीणों, पालकों एवं स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्कूलों में शौचालयों की स्थिति खराब होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। विशेष रूप से बालिकाओं को अधिक दिक्कत होती थी। अब नए निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू होने से विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित सुविधा मिल सकेगी।क्षेत्र के लोगों का मानना है कि स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के बेहतर होने से विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं पढ़ाई का वातावरण भी बेहतर होगा। शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह पहल विद्यार्थियों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी।
