सीमा से सिर्फ 25 किमी दूर प्रस्तावित इब डैम, जशपुर के ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

ओडिसा के सबड़ेगा में विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण
जशपुर। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा में करीब 45 वर्ष पुरानी जोगी-जुगेन इब नदी बांध परियोजना को पुनः शुरू किए जाने के विरोध में जनआंदोलन तेज हो गया है। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के बालीशंकरा एवं सबडेगा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों ने सबडेगा में विशाल जन आंदोलन आयोजित कर प्रस्तावित बांध परियोजना का पुरजोर विरोध किया।आंदोलनकारियों का कहना है कि इब नदी पर प्रस्तावित बांध का निर्माण होने से अनेक गांव जलमग्न हो जाएंगे, हजारों एकड़ कृषि भूमि एवं वन क्षेत्र प्रभावित होंगे तथा बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ेगा। इसी आशंका को लेकर क्षेत्र के लोग लंबे समय से परियोजना का विरोध कर रहे हैं।वहीं इस परियोजना का असर केवल ओडिशा तक सीमित नहीं रहने की संभावना जताई जा रही है। प्रस्तावित जोगी-जुगेन वृहद बांध स्थल छत्तीसगढ़ सीमा से महज लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में यदि बांध का निर्माण होता है तो इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।इसी को लेकर विकासखंड फरसाबहार के ओडिशा सीमा से लगे गांवों में भी चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि बांध निर्माण के बाद जलस्तर, कृषि भूमि और आसपास के पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों में संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि परियोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी और संभावित प्रभावों का अध्ययन सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल ओडिशा में चल रहा विरोध आंदोलन सीमावर्ती छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
