
जशपुर। ऐतिहासिक दोकड़ा धाम स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर सहित जिले के विभिन्न श्री जगन्नाथ मंदिरों में आज स्नान पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के सुगंधित एवं मंत्रोच्चारित जल से विधि-विधानपूर्वक महाभिषेक किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिव्य स्नान के बाद भगवान भक्तों को गजानन (हाथी) वेश में दर्शन देंगे, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।श्री जगन्नाथ मंदिर समिति के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 1:00 बजे मंगल आरती एवं हरि कीर्तन से होगा। इसके पश्चात 1:30 बजे पहंडी विजय, 2:30 बजे 108 कलशों के पवित्र जल से देव स्नान, 3:30 बजे भगवान का दिव्य श्रृंगार एवं गजानन वेश दर्शन, तथा 4:00 बजे संध्या आरती के बाद महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।स्नान पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ की वार्षिक प्रमुख धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व प्राप्त है। इस दिन देशभर के जगन्नाथ मंदिरों में भगवान का महा स्नान कराया जाता है। मान्यता है कि इस दिव्य स्नान के बाद भगवान कुछ दिनों के लिए अस्वस्थ हो जाते हैं और अनसर काल में विश्राम करते हैं। इसके पश्चात वे भक्तों को विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा में नगर भ्रमण के लिए दर्शन देते हैं।मंदिर समिति ने जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस दुर्लभ धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने तथा भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। स्नान महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष सजावट, पूजा-अर्चना एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।धार्मिक परंपरा के अनुसार देव स्नान पूर्णिमा पर महाभिषेक के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा अनसर (विश्राम) काल में प्रवेश करते हैं। मान्यता है कि महा स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, इसलिए आज देव स्नान के उपरांत अगले 15 दिनों तक मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। इस दौरान विशेष सेवा-पूजा की जाएगी और अनसर काल समाप्त होने के बाद भगवान नवयौवन वेश में भक्तों को दर्शन देंगे। इसके पश्चात भव्य रथयात्रा का आयोजन होगा।
