सिकिरमा में शिक्षा विभाग के फैसले पर बवाल, प्रधान पाठिका की बहाली तक छात्राओं को स्कूल नहीं भेजने का ऐलान

जशपुर। विकासखंड फरसाबहार के प्राथमिक शाला सिकिरमा की प्रधान पाठिका सुमन्ती तिर्की के निलंबन के बाद गांव में विरोध तेज हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी की जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई इस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक ग्राम पंचायत परिसर के पास एकत्रित हुए। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि निलंबन आदेश वापस नहीं लिया गया तो वे मुख्यमंत्री कैंप पहुंचकर न्याय की गुहार लगाएंगे। साथ ही आदेश निरस्त होने तक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का ऐलान किया है।विभागीय जानकारी के अनुसार 13 जुलाई को प्रधान पाठिका विद्यालय में विलंब से पहुंची थीं तथा आगमन-निर्गमन पंजी में उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। इस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबन की कार्रवाई की।दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि सुमन्ती तिर्की के पदस्थ होने के बाद विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बच्चों की नियमित पढ़ाई, अनुशासन और शैक्षणिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव आया, इसलिए उनके निलंबन से पूरे गांव में नाराजगी है।ग्रामीणों और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के नाम आवेदन तैयार कर कर लिया है। जहां दर्जनों ग्रामीणों और अभिभावकों ने हस्ताक्षर किया गया है उनका कहना है कि यदि शासन स्तर पर आदेश निरस्त नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री कैंप पहुंचकर विरोध दर्ज कराएंगे। अभिभावकों ने यह भी कहा कि प्रधान पाठिका की बहाली तक वे अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे।
