रुक-रुककर बारिश के बावजूद कम नहीं हुई भीड़, तपकरा से कोतेबिरा तक 8 किमी की कांवड़ यात्रा; ओडिशा-झारखंड से भी पहुंचे श्रद्धालु

26 वर्षों से कोतेबिरा में सावन के अंतिम सोमवार पर भंडारा करा रहे मनोज जायसवाल
जशपुर। सावन के अंतिम सोमवार को क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक एवं दर्शनीय स्थल कोतेबिरा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अनुमान के मुताबिक करीब 65 से 70 हजार श्रद्धालुओं ने कोतेबिरा पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहा।
जोड़ा महादेव से कोतेबिरा तक निकली कांवड़ यात्रा
सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर तपकरा स्थित जोड़ा महादेव शिव मंदिर से कोतेबिरा तक करीब 8 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। कांवड़ियों ने पैदल यात्रा कर कोतेबिरा पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बारिश के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
रविवार से ही शुरू हो गई थी श्रद्धालुओं की आवाजाही
अंतिम सावन सोमवार को लेकर क्षेत्र में रविवार से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रविवार शाम को ओडिशा के वेदव्यास स्थित बाबा धाम के लिए रवाना हुए। सोमवार सुबह लोगों ने स्नान कर घरों में पूजा-अर्चना की और इसके बाद स्थानीय शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
इसके बाद परिवार सहित श्रद्धालु क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर रवाना हुए। कपाटद्वार, कोतेबिरा, लाठबोरा के महादेव मुंडा मंदिर, डुमरिया, डोंगादरहा, कांटाटोगरी, झारमुंडा के बूढ़ा पहाड़ सहित ओडिशा के भंडारी शंकरा स्थित सुखा महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन किए।
26 वर्षों से कोतेबिरा में भंडारा करा रहे मनोज जायसवाल
कोतेबिरा में सावन के अंतिम सोमवार को आयोजित होने वाला भंडारा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहा। तपकरा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जायसवाल द्वारा लगातार 26 वर्षों से सावन के अंतिम सोमवार को कोतेबिरा में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई। भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु भंडारे में शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ के कई इलाकों से पहुंचे श्रद्धालु
कोतेबिरा में आयोजित धार्मिक आयोजन में ओडिशा और झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ के कोतबा, लुड़ेग, कुनकुरी, बागबहार, फरसाबहार, पंडरीपानी, केरसई, बंदरचुआ, कोल्हेनझरिया सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
सुबह से ही कोतेबिरा की ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही बढ़ गई थी। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, वहीं बड़ी संख्या में युवा और शिवभक्त कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचे।
क्षेत्र के शिवालयों में भी लगा भंडारा
अंतिम सावन सोमवार के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में भी भंडारे का आयोजन किया गया। पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। जगह-जगह हुए धार्मिक आयोजनों से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने संभाली व्यवस्था
कोतेबिरा में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की। दर्शन और प्रसाद वितरण को व्यवस्थित रखने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी समिति के सदस्यों ने नजर रखी।
भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए समिति के सदस्य पूरे दिन सक्रिय रहे।
यातायात व्यवस्था में जुटी रही तपकरा पुलिस
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने के कारण यातायात का दबाव भी बढ़ गया था। इसे देखते हुए तपकरा पुलिस पूरे दिन यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी रही। पुलिस जवानों ने वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ भीड़ वाले स्थानों पर निगरानी रखी।
बारिश के बीच भी नहीं डिगी आस्था
सावन के अंतिम सोमवार को कोतेबिरा में उमड़ी भीड़ ने क्षेत्र में भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया। रुक-रुककर होती बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। कांवड़ यात्रा, शिवालयों में पूजा-अर्चना, भंडारे और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच कोतेबिरा में देर शाम तक धार्मिक उत्सव का माहौल बना रहा।





