
रोपा कार्य के लिए रोजाना छत्तीसगढ़ से ओडिशा जाते हैं सैकड़ों मजदूर, स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन बढ़ाने की उठी मांग
जशपुर। सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्य जाने वाले मजदूरों के सामने आए दिन जोखिम बना रहता है। मंगलवार को ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा ओडिशा के तलसरा थाना क्षेत्र के बालीशंकरा अंतर्गत चंदलीमाल में हुआ, जहां रोपा कार्य करने गई छत्तीसगढ़ की दो महिला मजदूरों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं करीब छह से सात महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए सुंदरगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के तुमला थाना क्षेत्र के बरडीह निवासी सुशीला तिर्की और चम्पा तिर्की सहित आसपास की महिलाएं रोजगार के लिए ओडिशा के चंदलीमाल में रोपा कार्य करने गई थीं। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे महिलाएं खेत में काम करने के बाद खेत के समीप ही बैठकर खाना खा रही थीं। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से सुशीला तिर्की और चम्पा तुर्की ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।वहीं इस हादसे में करीब छह से सात अन्य महिलाएं भी झुलसकर घायल हो गईं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए सुंदरगढ़ जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
रोजगार के लिए रोजाना ओडिशा जाते हैं सैकड़ों मजदूर छत्तीसगढ़ और ओडिशा सीमा से लगे गांवों में स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरी के लिए पड़ोसी राज्य ओडिशा का रुख करते हैं। खासकर खेती के सीजन में रोपा, निराई-गुड़ाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए सीमावर्ती गांवों से महिलाएं समूह बनाकर ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में जाती हैं।ग्रामीणों के अनुसार, इन दिनों रोपा का काम चल रहा है, जिसके चलते तुमला थाना क्षेत्र सहित सीमा से लगे गांवों से रोजाना सैकड़ों मजदूर ओडिशा पहुंच रहे हैं। सुबह घर से निकलकर ये मजदूर दिनभर खेतों में मेहनत करते हैं और शाम को वापस अपने गांव लौटते हैं। कृषि मजदूरी ही कई परिवारों की आय का महत्वपूर्ण साधन बनी हुई है।स्थानीय स्तर पर रोजगार की जरूरतग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव और आसपास के क्षेत्र में ही पर्याप्त रोजगार के साधन उपलब्ध हों तो मजदूरों को रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्य जाने की मजबूरी कम हो सकती है। स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से ग्रामीणों को अपने परिवार के बीच रहकर ही आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा और उन्हें दूसरे राज्य में जाकर जोखिम उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।मंगलवार की घटना ने एक बार फिर सीमावर्ती ग्रामीणों की रोजगार संबंधी समस्याओं को सामने ला दिया है। हादसे के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।दो महिलाओं की मौत से बरडीह गांव में शोक का माहौल है, वहीं घायल महिलाओं के जल्द स्वस्थ होने की कामना ग्रामीणों ने की है।





