
आजादी के 80 साल बाद भी कीचड़ में प्रभात फेरी, पक्की सड़क को तरस रहा जशपुर का गांव
जशपुर। भारत की आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के बावजूद जशपुर जिले के कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। विकासखंड फरसाबहार के ग्राम भेजरीडांड के सरकरा चौक से धनपुर होते हुए प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल कपाट द्वार तक जाने वाली सड़क आज भी पक्की सड़क का इंतजार कर रही है।सड़क की बदहाल स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूली बच्चों को कीचड़ से भरी इसी सड़क पर प्रभात फेरी निकालनी पड़ी। हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ बच्चे जब इस कीचड़ भरे रास्ते से गुजरे, तो विकास के दावों पर सवाल खड़े होना लाजिमी है।बारिश के दिनों में यह सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस मार्ग के पक्कीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।एक ओर देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ का जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी ओर जशपुर के गांवों की यह तस्वीर विकास की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। जिस सड़क पर देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चे कीचड़ में चलकर तिरंगे को सलामी देने को मजबूर हों, वह तस्वीर निश्चित रूप से जिम्मेदारों को आईना दिखाने वाली है।ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सरकारा चौक से धनपुर होते हुए कपाट द्वार तक सड़क का जल्द से जल्द पक्कीकरण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को आवागमन की परेशानी से निजात मिल सके।





