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जिला पंचायत के 15वे वित्त से खुदाई हुआ है बोरिंग
जशपुर। विकासखंड फरसाबहार के ग्राम खारीबहार में जिला पंचायत मद के 15वें वित्त आयोग से कराए गए बोरिंग खुदाई कार्य में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। लाखों की राशि खर्च होने के बावजूद आज तक बोरिंग अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को न तो पेयजल सुविधा मिल पा रही है और न ही सुरक्षा की गारंटी।जानकारी के अनुसार गांव में करीब 15 दिन पूर्व ठेकेदार के माध्यम से दो स्थानों पर बोरिंग खुदाई कराई गई। अजीत के मकान के पास हुई खुदाई के लिए 62,500 रुपये तथा सामुदायिक भवन के पास की गई खुदाई के लिए 54,000 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा ऑनलाइन कर दिया गया है। भुगतान होने के बावजूद बोरिंग में अब तक पाइप और हैंडल नहीं लगाया गया है, जिससे दोनों बोरिंग केवल गहरे गड्ढे बनकर रह गए हैं।
⚠️ खुले गड्ढों से हादसे का खतरा ग्रामीणों ने बताया कि बोरिंग खुदाई के बाद से ही ठेकेदार ने कार्य अधूरा छोड़ दिया है। खुले पड़े गड्ढों के कारण बच्चों और मवेशियों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। गांव में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक अनजान बना हुआ है।
💧 गर्मी में बढ़ी पानी की समस्याएक ओर जहां तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर गांव में पेयजल संकट गहराने लगा है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि बोरिंग से उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन अधूरे कार्य के कारण उन्हें आज भी दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे रोजाना लंबी दूरी तय कर पानी लाने को मजबूर हैं।
🗣️ ग्रामीणों में आक्रोशग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शासन द्वारा दी जा रही सुविधाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं। यदि समय पर पाइप और हैंडल लगा दिया जाता, तो आज गांव में पानी की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती थी।📢 जांच और कार्रवाई की मांगग्रामीणों ने प्रशासन, जिला पंचायत और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर अधूरे कार्य को जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।👉 अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेते हैं और खारीबहार के ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है।
