नियमितीकरण और सेवा शर्तों में सुधार की मांग को लेकर प्रबंधक एकजुट, सरकार पर अनदेखी का आरोप

जशपुर। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार से प्रांतव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के तहत जिले के प्रबंधक जिला मुख्यालय में एकत्र हुए, जहां बैठक कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई गई और नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई।संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे लंबे समय से पद का नियमितीकरण, सेवा शर्तों में सुधार और आवश्यक सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। कई बार मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं मिलने से मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।बैठक में आगे की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संघ ने सभी प्रबंधकों से एकजुट रहने और आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। पदाधिकारियों का कहना है कि यह हड़ताल केवल प्रबंधकों के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि लघु वनोपज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी जरूरी कदम है।हड़ताल का सीधा असर आने वाले दिनों में तेंदूपत्ता संग्रहण सहित लघु वनोपज से जुड़े कार्यों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। तेंदूपत्ता सीजन की शुरुआत के समय इस हड़ताल से संग्रहण कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे शासन की आय पर असर पड़ने के साथ ही हजारों संग्राहकों की आजीविका भी संकट में आ सकती है।ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि है, जिससे बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। ऐसे में यदि हड़ताल लंबी चलती है, तो इसका व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।
