फरसाबहार में शिक्षा का नया प्रयोग: मोबाइल से होगी बच्चों की पढ़ाई मजबूत
जशपुर। जिले के कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार विकासखंड फरसाबहार में शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव पहल शुरू की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत “यूथ इंपैक्ट” के माध्यम से रिमोट ट्यूटरिंग योजना लागू की जा रही है, जिसके जरिए कक्षा तीसरी और चौथी के विद्यार्थियों को फोन के माध्यम से गणितीय संक्रियाएं सिखाई जाएंगी।शुक्रवार को यूथ इंपैक्ट के प्रतिनिधि सुभाष प्रभाकरण ने फरसाबहार विकासखंड के पांच स्कूलों का निरीक्षण किया।जिसमें फरसाबहार बीईओ दुर्गेश देवांगन भी मौजूद रहे।इस दौरान उन्होंने पाया कि कई मध्यम स्तर के छात्र जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी बुनियादी गणितीय क्रियाओं में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।इस समस्या के समाधान के लिए D.Ed. प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं की मदद से पालकों से फोन पर संपर्क कर बच्चों को सरल तरीकों से गणित समझाने की योजना बनाई गई है।यह योजना पहले कर्नाटक में सफलतापूर्वक संचालित हो चुकी है, जिसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब इसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विधानसभा क्षेत्र फरसाबहार में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।निरीक्षण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला कदेलकछार, जनपद प्राथमिक शाला तपकरा, पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला लावाकेरा और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय तपकरा का भ्रमण किया गया। यहां छात्रों और शिक्षकों को इस योजना की जानकारी दी गई।इस पहल के तहत पालकों को फोन के माध्यम से बच्चों के शैक्षणिक स्तर की जानकारी दी जाएगी और उन्हें यह भी बताया जाएगा कि घर पर किस प्रकार बच्चों को जोड़, घटाव, गुणा और भाग सिखाया जा सकता है। इससे जहां पालकों की शिक्षा में भागीदारी बढ़ेगी, वहीं बच्चे भी नियमित अभ्यास के जरिए बेहतर सीख सकेंगे।योजना के सफल होने पर इसे पूरे जशपुर जिले में लागू करने की तैयारी की जाएगी।
