दो साल बाद भी नहीं लगाए गए चेतावनी संकेत बोर्ड PWD की अनदेखी से रोजाना खतरे में राहगीरों की जानसुरक्षा उपाय बढ़ाने और ब्लैक स्पॉट सुधार की मांग तेज

जशपुर। जिले में एक ओर बड़े पैमाने पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर निर्माण एजेंसियों की लापरवाही इन प्रयासों पर पानी फेरती नजर आ रही है। ताजा मामला बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक बनी सड़क का है, जहां करीब 3.80 करोड़ रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क निर्माण कराया गया, लेकिन सुरक्षा इंतजाम आज भी नदारद हैं।
बताया जा रहा है कि यह सड़क करीब दो वर्ष पूर्व ही बनकर तैयार हो चुकी है, इसके बावजूद यहां कई दुर्घटना संभावित प्वाइंट और घुमावदार पुलिया बने हुए हैं। इन स्थानों पर न तो चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए गए हैं और न ही गति नियंत्रण के उपाय किए गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

इसी लापरवाही का खामियाजा रविवार सुबह करीब 11 बजे एक बार फिर देखने को मिला। तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम बाबूसाजबहार के काटा मुड़ा में ओडिशा की ओर से आ रहे भाई-बहन स्कूटी पर सवार होकर टागरगांव अपने घर जा रहे थे। जैसे ही वे मोड़ के पास स्थित पुलिया के करीब पहुंचे, स्कूटी अनियंत्रित हो गई और सीधे पुलिया की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सवार पुलिया के पास गिर पड़े।
इस हादसे में स्कूटी चला रही युवती के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि उसके भाई को भी चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सहायता में जुट गए। ग्राम के सरपंच संजय भगत ने तत्परता दिखाते हुए 108 एम्बुलेंस को फोन किया, जिसके बाद घायल युवती को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं, तब निर्माण एजेंसियों द्वारा इस तरह की अनदेखी बेहद चिंताजनक है। बार-बार हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग के दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां तत्काल चेतावनी संकेत बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और मजबूत सुरक्षा रेलिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
