सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में हुए जागरूकता कार्यक्रम
मुख्य अतिथि के रूप में बीडीसी श्री मानिक थे
जशपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरसाबहार में विश्व क्षय दिवस के अवसर पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करना और वर्ष 2027 तक क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लेना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, मितानिनों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत के सभापति एवं सदस्य दयानिधि मानिक उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराएं।इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति मंडल अध्यक्ष पंडरीपानी के बलराम मकरा एवं संतोष मकरा भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी से ही टीबी मुक्त अभियान सफल हो सकता है। लोगों को जागरूक करना और मरीजों को समय पर इलाज दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है।कार्यक्रम में फरसाबहार के बीएमओ डॉ. के.के. डाहीरे ने टीबी रोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी आना, वजन घटना, बुखार, रात में पसीना आना जैसे लक्षण टीबी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।टीबी सुपरवाइजर मनभावन मिंज एवं बीपीएम ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीजों को नियमित दवा के साथ-साथ पोषण आहार के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है, ताकि मरीज जल्द स्वस्थ हो सके।कार्यक्रम के दौरान मितानिन कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्हें निर्देशित किया गया कि वे गांव-गांव जाकर संभावित मरीजों की पहचान करें और उन्हें जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करें। साथ ही लोगों को स्वच्छता, पोषण और नियमित दवा सेवन के महत्व के बारे में भी जागरूक करें।इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने वर्ष 2027 तक अपने क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, मितानिन, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में लोगों को यह संदेश दिया गया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन सही जानकारी, समय पर जांच और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। सामूहिक प्रयास और जागरूकता से ही “टीबी मुक्त भारत” का सपना साकार हो सकेगा।
